Chhat puja कब,कैसे और क्यों मनाते हैं । जानें विस्तार से ।
छट पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता हैं। पहला चैत शुल्क षष्टी तथा दूसरा कार्तिक शुक्ल षष्ठी इन दो तिथियों में मनाया जाता हैं । छट पूजा या पर्व कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मुख्य रूप से माना जाता हैं चार दिन तक चलने वाले इस पर्व को डाला छट, छटी मईया, छट पूजा,बड़ा पर्व आदि के नाम से जाना जाता हैं इस पर्व को स्त्री और पुरूष समान रूप से मनाते हैं। छटी मईया की महिमा अपरम्पार है छट पूजा हिन्दू धर्म में मनाए जाने वाले पूजा में से एक हैं वैसे तो कोई जाती धर्म या वर्ग अछूता नहीं है इस लिए इस पर्व को सभी धर्म के द्वारा बहुत ही प्रेम तथा एकता से मनाया जाता हैं इस पर्व को यूपी,बिहार , और झारखंड में बहुत धूम धाम से मनाया जाता हैं वैसे भारत के कई और जगह पर भी मनाते है। यंहा तक की छटी मईया की चर्चा विदेशों में भी होने लगा है। वे लोग जो इस पर्व को नहीं मानते वे भी अपना योगदान बड़ चड़ के देते दीपावली पर्व खत्म होते ही छट पूजा जोर सोर से शुरू हो जाता है वैसे त...