डायन की नज़र
प्यारा सा एक गांव था। बदलते मौसम में लोगों को कोई प्रकार की बीमारियां हो जाती और लोगों को लगता ये डायन- भूत की साया पड़ गई हैं।
उस गांव में अगर किसी बीमारी से जवान बेटे या पति का मौत हो जाता है तो लोग उस औरत को डायन समझने लगते थे। उसके साथ उठना बैठना ठीक नहीं समझते डरते थे उससे, गांव के किसी भी लोगों को अगर कोई छोटी बिमारी जैसे अच्छी नींद न होने के कारण माथा ( सर) में दर्द सही भोजन या ठीक से भोजन न करने पर पेट में दर्द आदि ऐसे छोटे- छोटे कोई प्रकार की बीमारियां हो जाती तो लोग समझते ये सब डायन की काम हैं । घर से निकलने के बाद रास्ते में कहीं उस तरह की औरत मिल गई जिसका पति या बेटा का किसी कारण से मौत हो गई हो और जिस काम के लिए निकला और वो काम नहीं बना तो लोग उससे देख कर भड़क जाते और उससे क्रोध से बात करते तथा मन ही मन बहुत सारा गाली दे जाते।
यही जानने के लिए मै उस गांव के कुछ ख़ास बुज़ुर्ग लोग और एक तांत्रिक से मिला ।
आईए जानते हैं उन्होने क्या बताएं।.....
उस गांव में छोटा सा परिवार था। एक बेटा और उनके माता पिता हंसी ख़ुशी जिदंगी जी रहे थे। तभी एक पड़ोसी से ज़मीन जायदाद के बंटवारे में लड़ाई झगड़ा हो जाता है और उसके 25 बर्षिय जवान बेटे की मौत हो जाता है जिस कारण से उसके मां पर मानसिक ठेस पहुंचती हैं और वो पागल हो जाती हैं। फिर उसके पति ने उसे इलाज कर के ठीक करता हैं और वो पूरी तरह ठीक भी हो जाती हैं।
कुछ साल बाद वो डायन सीखने की कोशिश करती हैं (काला जादू वाला तंत्र मंत्र) और एक तांत्रिक के पास जाती हैं और मिलती हैं लेकिन डायन सीखने का कुछ शर्तें होती है ऐसा तांत्रिक का कहना है
तांत्रिक का शर्तें सुन कर घबरा जाती हैं और वो घर वापस लौट आती हैं ।
तांत्रिक का शर्तें ये हैं :-
डायन पूरी तरह सीख जाने पर एक अंतिम तंत्र मंत्र का जाप करना होगा जिसमें अपना पति या बेटे का त्याग (बली देना )
पड़ेगा तब पूरी तरह से सीख पाओगे।और अगर ऐसा नहीं किया तो पागल हो जाओगे। सात जन्मों तक पागलपन भुगतना पड़ेगा।
ये शर्तें सुन कर वो घर वापस लौट आती हैं और सोचने लगती हैं मेरे पास तो पति के अलावा और कोई भी नहीं है बेटे को तो ज़मीन जायदाद के चक्कर में खो दिया। अब रहा बात पति का तो पति मै खोना नहीं चाहती
लेकिन उसके दिमाग में एक ही बात चल रही थी , कि मुझे डायन सीखनी हैं पर वो पति को खोने से डरती थी । ये बात उसके पति को कुछ भी पता नहीं था वो अपना मन ही मन गोपनीय प्राइवेट में रखना चाहती थी क्योंकि ये बात सुनने पर उसके पति ऐसा काम नहीं करने देते पर वो जिद्ध लगाए बैठी थी मुझे डायन सीखना हैं। वैसे बेटा मेरा रहा नहीं हम दोनों को गुजर (मरने) जाने के बाद मेरा घर द्वार देखने को रहने को कोई रहा नहीं तो क्यों ना हम अपने पति को बली देकर डायन सीख लें। और वो डायन सीखने के लिए तांत्रिक के पास जाने लगी, गांव के दो औरत पहले से ही उस तांत्रिक से डायन सीख रही थी, उनलोगो से दोस्ती हो गई और तीनों एक साथ जाने लगी , तंत्र मंत्र का जाप कर के उन लोग डायन सीखने लगी तांत्रिक उन तीनों को रात में सब सो जाने के बाद श्मसान घाट ( जहां मुर्दों को जलाया जाता है) वांहा तो कभी कब्रिस्तान (जहां मुर्दों को डफनाया जाता है) ले जाकर तंत्र मंत्र की विद्या से जाप कर के डायन सिखाने लगे ,रोज नहीं तांत्रिक के द्वारा दिए गए तिथि अनुसार वो रात को बुलाते थे।
इसी तरह कुछ महीने बीत जाने पर जब तांत्रिक को लगा ये लोग सीख गए ,तब तांत्रिक का जो शर्तें थी मांग कर दी,
उस दोनों ने तो अपना अपना बेटे को त्याग कर (बली ) देकर
( बली मतलब बकरा वाला बली नहीं , तंत्र मंत्र के द्वारा कुछ बीमारी से मौत करा देते हैं ) इस तरह का हरक़त गांव वालो को पता चलता तो तांत्रिक को ख़तरनाक मार पड़ता इस लिए बकरा वाला बली नहीं अपना काला मंत्र से बली देता है,
और उस ओरत ने अपना पति को त्याग दिया , तांत्रिक ने उन तीनों को पूरी तरह से डायन सिखाने के बाद अमावस के रात में बुलाया और अंतिम परीक्षा लिए जिसमें इंसान को या कोई भी जीव जंतओं को मरा के जिंदा कैसे किया जाता हैं इस तरह का मंत्र सीखने के बाद उन तीनों अपना अपना घर पहुंच गए और कुछ दिन बाद तीनों ने गंदी हरक़त शुरू कर दी, जैसे पहले ही बताया अच्छी नींद ना होने पर माथा में दर्द ठीक से भोजन न करने पर पेट में दर्द इस तरह के कई प्रकार की बीमारियां को अपने वश में कर के घटाना या बढ़ाना उन लोगों को अच्छा लगता था ।
अगर डायन किसी की मौत चाहती तो ज्यादातर डायरिया नामक बीमारी उसके शरीर में अपने गंदी नज़र से या कुछ खिला के बीमार कर देती जिसे उसकी मौत हो जाती
इस तरह अच्छे भले इंसान को परेशान करती,
एक दिन उस डायन की नजर उस घर वालो के लड़की (बेटी) पर पड़ा जिस पड़ोसी ने उसके बेटे को जमीन जायदाद के चक्कर में मौत की नींद सुला दी थी। उस डायन ने कब्रिस्तान से भटकती एक दुष्ट आत्मा को उस पड़ोसन के बेटी की शरीर में छोड़ दी, उस डायन ने पड़ोसन की बेटी को अपना वश में कर ली और लड़की को परेशान करने लगी डायन उसको जो कुछ भी बोलती वही करती लड़की का मानसिक संतुलन डायन ने बुरी आत्मा के सहारे पूरी तरह से बिगाड़ दी लड़की के घर वाले ने अच्छे अच्छे डॉक्टर से संपर्क की इलाज के लिए फिर भी उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं हुआ। इतने पैसे खर्च हो गए यहां तक कि जमीन जायदाद बिक चके सिवाए घर के फिर भी ठीक नहीं हुआ
ठीक भी कहां से होती उसके शरीर में तो बुरी आत्मा कब्ज़ा कर चुकी थी भला डॉक्टर आत्मा को किया कर सकते आत्मा का इलाज़ तो तांत्रिक ही सकते हैं।
इतना कुछ होने के बाद उस लड़की के पिता एकांत जगह एक पेड़ के नीचे बैठ कर अकेले में कुछ सोच रहे थे तभी गांव का एक आदमी अपने बैलों को घर से लेकर घास चराने जा रहा था उसने देखा ये यांहा अकेले बैठ के किया कर रहा है
आदमी ने पूछा किया हुआ इतना गुमसुम क्यों बैठा है बीबी छोड़ के भाग गई किया उस आदमी ने मजाक किया क्यों कि वो बाते इसको मालूम नहीं था तब उसने सारी बाते उस आदमी को सुनाया ये सब बात सुनकर आदमी को भी दुख हुआ और उसने पूछा अभी तक किसी तांत्रिक के पास गया है तब उस लड़की के पिता ने कहा नहीं मेरी बेटी को कोई भूत का साया नहीं पड़ा है वो पागल वाली हरक़त करती हैं फिर कैसे ले जाए तांत्रिक के पास आदमी ने सोचा अगर पागल होती तो डॉक्टर जरूर कुछ बोलते ठीक होगा या नहीं डॉक्टर बीमारी का नाम ही पता नहीं कर सके तो इलाज किया खाक करेगा मै जो बोल रहा हूं तुम एक बार मेरा बात मानो और किसी तांत्रिक के पास ले जाओ किया पता ठीक भी हो सकती हैं उस आदमी का बात सुनकर लड़की के परिवार वालों ने उसी तांत्रिक के पास ले गया जहां से उन तीनों औरतें डायन सीखी थी ।
तांत्रिक ने पूछा किया हुआ इसका तो उसके घर वालों ने सारी बातें सुनाई तांत्रिक ने अपना जादू टोना से मंत्र से उस बुरी आत्मा को अपने वश में कर के उसके शरीर से भागा दिए और जहां से डायन लाई थी वहां जा कर छोड़ दिए लड़की पूरी तरह ठीक हो गई और घर वापस लौट गई। तांत्रिक होने के नाते उसे सब पता चल गया कि लड़की के शरीर में बुरी आत्मा को किसने प्रवेश कराया एक दिन उस डायन को बुलाया और पूछा तुमने उस लडकी के साथ ऐसा क्यों किया तो उस डायन ने अपना पूरा पोल खोल दी वहीं जमीन जायदाद के लिए मेरे बेटे का मौत कि नींद सुला दिया उन लोगों ने इस लिए मैंने डायन सीखी और उन लोगों को बदला ली तांत्रिक ने उस डायन को धमकाया और ऐसा करने से मना किया लेकिन डायन तो डायन होती हैं अपना अपना जवान बेटे या पति को बली देकर डायन जो सीखी है मतलब जो अपना बेटे या पति को नहीं पहचानी तो किसी और को कैसे पहचानेगी इस बात को सोच कर तांत्रिक मन ही मन मुस्कुराया और कहा मैंने 6 माह तक कुछ भी ना होने का बचन दिया है और इस बीच तूने उसके साथ कुछ किया तो तेरा सारा डायन गिरी भस्म कर दूंगा ।
डायन बोली ठीक है गुरुदेव मैं 6 महीने बाद परेशान करूंगी लेकिन उनलोगो चैन से रहने नहीं दुंगी ।
आप लोगों को क्या लगता डायन होती भी या नहीं?
या तो फिर ये सब अंधविश्वास है। कॉमेंट में जरूर बताएं।
आइए जानते हैं उस गांव के बारे में,
उस गांव में अगर किसी बीमारी से जवान बेटे या पति का मौत हो जाता है तो लोग उस औरत को डायन समझने लगते थे। उसके साथ उठना बैठना ठीक नहीं समझते डरते थे उससे, गांव के किसी भी लोगों को अगर कोई छोटी बिमारी जैसे अच्छी नींद न होने के कारण माथा ( सर) में दर्द सही भोजन या ठीक से भोजन न करने पर पेट में दर्द आदि ऐसे छोटे- छोटे कोई प्रकार की बीमारियां हो जाती तो लोग समझते ये सब डायन की काम हैं । घर से निकलने के बाद रास्ते में कहीं उस तरह की औरत मिल गई जिसका पति या बेटा का किसी कारण से मौत हो गई हो और जिस काम के लिए निकला और वो काम नहीं बना तो लोग उससे देख कर भड़क जाते और उससे क्रोध से बात करते तथा मन ही मन बहुत सारा गाली दे जाते।
क्या सच में डायन होती हैं ?....
यही जानने के लिए मै उस गांव के कुछ ख़ास बुज़ुर्ग लोग और एक तांत्रिक से मिला ।
आईए जानते हैं उन्होने क्या बताएं।.....
उस गांव में छोटा सा परिवार था। एक बेटा और उनके माता पिता हंसी ख़ुशी जिदंगी जी रहे थे। तभी एक पड़ोसी से ज़मीन जायदाद के बंटवारे में लड़ाई झगड़ा हो जाता है और उसके 25 बर्षिय जवान बेटे की मौत हो जाता है जिस कारण से उसके मां पर मानसिक ठेस पहुंचती हैं और वो पागल हो जाती हैं। फिर उसके पति ने उसे इलाज कर के ठीक करता हैं और वो पूरी तरह ठीक भी हो जाती हैं।
कुछ साल बाद वो डायन सीखने की कोशिश करती हैं (काला जादू वाला तंत्र मंत्र) और एक तांत्रिक के पास जाती हैं और मिलती हैं लेकिन डायन सीखने का कुछ शर्तें होती है ऐसा तांत्रिक का कहना है
तांत्रिक का शर्तें सुन कर घबरा जाती हैं और वो घर वापस लौट आती हैं ।
तांत्रिक का शर्तें ये हैं :-
डायन पूरी तरह सीख जाने पर एक अंतिम तंत्र मंत्र का जाप करना होगा जिसमें अपना पति या बेटे का त्याग (बली देना )
पड़ेगा तब पूरी तरह से सीख पाओगे।और अगर ऐसा नहीं किया तो पागल हो जाओगे। सात जन्मों तक पागलपन भुगतना पड़ेगा।
ये शर्तें सुन कर वो घर वापस लौट आती हैं और सोचने लगती हैं मेरे पास तो पति के अलावा और कोई भी नहीं है बेटे को तो ज़मीन जायदाद के चक्कर में खो दिया। अब रहा बात पति का तो पति मै खोना नहीं चाहती
लेकिन उसके दिमाग में एक ही बात चल रही थी , कि मुझे डायन सीखनी हैं पर वो पति को खोने से डरती थी । ये बात उसके पति को कुछ भी पता नहीं था वो अपना मन ही मन गोपनीय प्राइवेट में रखना चाहती थी क्योंकि ये बात सुनने पर उसके पति ऐसा काम नहीं करने देते पर वो जिद्ध लगाए बैठी थी मुझे डायन सीखना हैं। वैसे बेटा मेरा रहा नहीं हम दोनों को गुजर (मरने) जाने के बाद मेरा घर द्वार देखने को रहने को कोई रहा नहीं तो क्यों ना हम अपने पति को बली देकर डायन सीख लें। और वो डायन सीखने के लिए तांत्रिक के पास जाने लगी, गांव के दो औरत पहले से ही उस तांत्रिक से डायन सीख रही थी, उनलोगो से दोस्ती हो गई और तीनों एक साथ जाने लगी , तंत्र मंत्र का जाप कर के उन लोग डायन सीखने लगी तांत्रिक उन तीनों को रात में सब सो जाने के बाद श्मसान घाट ( जहां मुर्दों को जलाया जाता है) वांहा तो कभी कब्रिस्तान (जहां मुर्दों को डफनाया जाता है) ले जाकर तंत्र मंत्र की विद्या से जाप कर के डायन सिखाने लगे ,रोज नहीं तांत्रिक के द्वारा दिए गए तिथि अनुसार वो रात को बुलाते थे।
इसी तरह कुछ महीने बीत जाने पर जब तांत्रिक को लगा ये लोग सीख गए ,तब तांत्रिक का जो शर्तें थी मांग कर दी,
उस दोनों ने तो अपना अपना बेटे को त्याग कर (बली ) देकर
( बली मतलब बकरा वाला बली नहीं , तंत्र मंत्र के द्वारा कुछ बीमारी से मौत करा देते हैं ) इस तरह का हरक़त गांव वालो को पता चलता तो तांत्रिक को ख़तरनाक मार पड़ता इस लिए बकरा वाला बली नहीं अपना काला मंत्र से बली देता है,
और उस ओरत ने अपना पति को त्याग दिया , तांत्रिक ने उन तीनों को पूरी तरह से डायन सिखाने के बाद अमावस के रात में बुलाया और अंतिम परीक्षा लिए जिसमें इंसान को या कोई भी जीव जंतओं को मरा के जिंदा कैसे किया जाता हैं इस तरह का मंत्र सीखने के बाद उन तीनों अपना अपना घर पहुंच गए और कुछ दिन बाद तीनों ने गंदी हरक़त शुरू कर दी, जैसे पहले ही बताया अच्छी नींद ना होने पर माथा में दर्द ठीक से भोजन न करने पर पेट में दर्द इस तरह के कई प्रकार की बीमारियां को अपने वश में कर के घटाना या बढ़ाना उन लोगों को अच्छा लगता था ।
अगर डायन किसी की मौत चाहती तो ज्यादातर डायरिया नामक बीमारी उसके शरीर में अपने गंदी नज़र से या कुछ खिला के बीमार कर देती जिसे उसकी मौत हो जाती
इस तरह अच्छे भले इंसान को परेशान करती,
एक दिन उस डायन की नजर उस घर वालो के लड़की (बेटी) पर पड़ा जिस पड़ोसी ने उसके बेटे को जमीन जायदाद के चक्कर में मौत की नींद सुला दी थी। उस डायन ने कब्रिस्तान से भटकती एक दुष्ट आत्मा को उस पड़ोसन के बेटी की शरीर में छोड़ दी, उस डायन ने पड़ोसन की बेटी को अपना वश में कर ली और लड़की को परेशान करने लगी डायन उसको जो कुछ भी बोलती वही करती लड़की का मानसिक संतुलन डायन ने बुरी आत्मा के सहारे पूरी तरह से बिगाड़ दी लड़की के घर वाले ने अच्छे अच्छे डॉक्टर से संपर्क की इलाज के लिए फिर भी उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं हुआ। इतने पैसे खर्च हो गए यहां तक कि जमीन जायदाद बिक चके सिवाए घर के फिर भी ठीक नहीं हुआ
ठीक भी कहां से होती उसके शरीर में तो बुरी आत्मा कब्ज़ा कर चुकी थी भला डॉक्टर आत्मा को किया कर सकते आत्मा का इलाज़ तो तांत्रिक ही सकते हैं।
इतना कुछ होने के बाद उस लड़की के पिता एकांत जगह एक पेड़ के नीचे बैठ कर अकेले में कुछ सोच रहे थे तभी गांव का एक आदमी अपने बैलों को घर से लेकर घास चराने जा रहा था उसने देखा ये यांहा अकेले बैठ के किया कर रहा है
आदमी ने पूछा किया हुआ इतना गुमसुम क्यों बैठा है बीबी छोड़ के भाग गई किया उस आदमी ने मजाक किया क्यों कि वो बाते इसको मालूम नहीं था तब उसने सारी बाते उस आदमी को सुनाया ये सब बात सुनकर आदमी को भी दुख हुआ और उसने पूछा अभी तक किसी तांत्रिक के पास गया है तब उस लड़की के पिता ने कहा नहीं मेरी बेटी को कोई भूत का साया नहीं पड़ा है वो पागल वाली हरक़त करती हैं फिर कैसे ले जाए तांत्रिक के पास आदमी ने सोचा अगर पागल होती तो डॉक्टर जरूर कुछ बोलते ठीक होगा या नहीं डॉक्टर बीमारी का नाम ही पता नहीं कर सके तो इलाज किया खाक करेगा मै जो बोल रहा हूं तुम एक बार मेरा बात मानो और किसी तांत्रिक के पास ले जाओ किया पता ठीक भी हो सकती हैं उस आदमी का बात सुनकर लड़की के परिवार वालों ने उसी तांत्रिक के पास ले गया जहां से उन तीनों औरतें डायन सीखी थी ।
तांत्रिक ने पूछा किया हुआ इसका तो उसके घर वालों ने सारी बातें सुनाई तांत्रिक ने अपना जादू टोना से मंत्र से उस बुरी आत्मा को अपने वश में कर के उसके शरीर से भागा दिए और जहां से डायन लाई थी वहां जा कर छोड़ दिए लड़की पूरी तरह ठीक हो गई और घर वापस लौट गई। तांत्रिक होने के नाते उसे सब पता चल गया कि लड़की के शरीर में बुरी आत्मा को किसने प्रवेश कराया एक दिन उस डायन को बुलाया और पूछा तुमने उस लडकी के साथ ऐसा क्यों किया तो उस डायन ने अपना पूरा पोल खोल दी वहीं जमीन जायदाद के लिए मेरे बेटे का मौत कि नींद सुला दिया उन लोगों ने इस लिए मैंने डायन सीखी और उन लोगों को बदला ली तांत्रिक ने उस डायन को धमकाया और ऐसा करने से मना किया लेकिन डायन तो डायन होती हैं अपना अपना जवान बेटे या पति को बली देकर डायन जो सीखी है मतलब जो अपना बेटे या पति को नहीं पहचानी तो किसी और को कैसे पहचानेगी इस बात को सोच कर तांत्रिक मन ही मन मुस्कुराया और कहा मैंने 6 माह तक कुछ भी ना होने का बचन दिया है और इस बीच तूने उसके साथ कुछ किया तो तेरा सारा डायन गिरी भस्म कर दूंगा ।
डायन बोली ठीक है गुरुदेव मैं 6 महीने बाद परेशान करूंगी लेकिन उनलोगो चैन से रहने नहीं दुंगी ।
आप लोगों को क्या लगता डायन होती भी या नहीं?
या तो फिर ये सब अंधविश्वास है। कॉमेंट में जरूर बताएं।
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Hello dosto kaisa laga mera post comments me jarur bataye..