लटकती लाश
बहुत दूर तक फैला हुआ एक जंगल था। पक्षियों की चहचाहट से तो सबको अच्छा लगता। लेकिन खूंखार जानवरों की आवाज़ से इंसान डर जाता था। उसी जंगल के उस पार एक छोटा सा गांव बसा हुआ था । गांव की जनसंख्या भी कुछ ख़ास नहीं थी।
दुर्भाग्य की बात ये थी कि जंगल के बीचोबीच से होकर उन लोगों को गुजरना पड़ता था घर की रोजी रोटी के लिए अपने परिवार के लिए क्यों कि बिना मेहनत का कुछ नहीं मिलता। इसलिए उन लोगों को जंगल के रास्ते से होकर गुजरना पड़ता था। रास्ता भी कुछ ख़ास नहीं कच्ची रास्ता बारिश के दिनों में तो ओर ज्यादा परेशानियां 10 km तक कीचड़ झेलनी पड़ती तब पक्की रोड का नसीब होता।
ठंड का मौसम था दिन जल्दी- जल्दी ढल जाती इसलिए सब लोग अपना घर सूरज ढलने से पहले पहुंच जाते ।एक दिन किसी काम से एक आदमी को देर रात लगभग समय 12 बज़ चुके थे और उस जंगल के रास्ते से होकर वो अपने घर लौट रहे थे। पूर्णिमा की रात थी चांद- तारे टिमटिमा रहे थे।
तभी रास्ते के किनारे एक पेड़ पर लटकते एक लाश को देख आदमी घबरा गया बहुत डर गया शरीर का रोम रोम खड़ा हो गया मुंह से कोई आवाज़ नहीं एकदम सन्नाटा डर के मारे उस लाश को नज़र अंदाज़ ध्यान न देते हुए गिरते- लुढ़कते वो अपना घर पहुंचा। और अपना पत्नी को सारा बात सुनाया पत्नी भी बात सुनकर डर गई ।
उसके पत्नी ने अपने घर के आस पास के लोगों को बताने की कोशिश की तो उसके पति ने डांटने लगा और उसने अपनी पत्नी को समझाने लगा की ये पुलिस केस हैं हम फंस जाएंगे कोट के चक्कर काटते रहेंगे ये पुलिस का काम हैं पुलिस संभाल लेगी।
उस आदमी ने अपने परिवार को समझा कर सो गया। सुबह हुई लोग अपना अपना घर से काम के लिए निकलने लगे तब कुछ लोगों ने देखा और हल्ला कर दिया।पेड़ पर एक लाश लटका हुआ है ये बात सुनकर बहुत सारे लोग पहुंचे देखने के लिए। भीड़ जमा हो गई लेकिन किसी को थाना में खबर देने की हिम्मत नहीं हुई। ये डर से की कहीं हम ना फंस जाय इस केस में।एक सप्ताह तक लाश पेड़ पर लटकते रहा बदबू आने लगी थी उस लाश का ।
इसलिए लोग उस रास्ते से आना जाना बंद कर दिए कुछ दिन के लिए डर से। तभी किसी आदमी ने हिम्मत जुटाई और पुलिस को खबर कर दिया । पुलिस पहुंची तो देखा एक जवान लड़का को रस्सी से बांध कर पेड़ पर लटका दिया गया है।
पुलिस ने लाश पेड़ से नीचे उतरवाई और गांव के लोगों से पूछताछ की लेकिन किसी को कुछ पता नहीं था उस लावारिस लाश के बारे में इसलिए पुलिस उस लाश को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए भेज दिए।लोग अपना अपना घर आए पुलिस अपना इंक्वेरी करने लगी। लोग फिर से उसी जंगल के रास्ते से होकर आने जाने लगे।
एक महीने बाद अमावश के रात में उसी आदमी को काम से लौटते वक्त रात हो गईं जिस आदमी ने सबसे पहले लाश को देखा था। और उस पेड़ के सामने साइकिल की चेन खुल गया वो साइकिल से नीचे उतर के जैसे ही साइकिल का चेन लगाने लगा तभी रोने का आवाज़ आई वो डर गया
और वहीं वेहोस होकर गिर पड़ा। कुछ देर बाद उसको होस आई और वो साइकिल छोड़ कर पैदल चल दिए। घर पहुंच कर वो भूत वाला हरक़त करने लगा ।कभी हंसने लगा तो कभी रोने लगा । गाली गलोज करने लगा क्यों कि जिस लड़के की लाश पेड़ पर लटका हुआ था उसका आत्मा उस आदमी पर प्रवेश कर चुका था। उस आदमी को कुछ देर बाद एक तांत्रिक के पास ले गया जहां भूत प्रेत का इलाज़ किया जाता है । तांत्रिक ने पूछा किया हुआ इसका तो उसके घर वालों ने सारा बात बता दिए ।
तांत्रिक ने अपना तंत्र मंत्र से उससे सब बात उगलवा लिए तो उस आदमी पर सवार आत्मा ने कहा मैं एक ऊंची खानदान के लड़की से प्यार करता था और वो भी मुझसे प्यार करती थी मैं एक मिडिल क्लास परिवार से था इस लिए उसके घर वालों ने मुझसे शादी करने से इंकार दिए और उसकी शादी किसी और के साथ कर दी इस वजह से लड़की अपनी जान एक बाइक एक्सिडेंट में दे दी और बाइक वाला एक्सिडेंट कर के भाग गया और अपना जन बचा लिया। ये बात सुन कर लड़की के घर वालो ने मुझे शक किया और एक शादी पार्टी में शामिल कर के मेरे भोजन में बेहोशी का दवा देकर मेरा गला दबा कर हत्या कर दिया और मुझे उस पेड़ पर लटका दिया मेरी आत्मा उसी पेड़ पर भटकती रहती है।इसलिए मैंने सोचा इस आदमी का शरीर में प्रवेश कर के मुझे जीन लोगो ने बिना गलती का जान से मार डाला उन लोगो को भी मै इस आदमी के सहारे जान से मार कर उसी पेड़ पर लटका दूंगा ।तब मेरी आत्मा को शांति मिलेगी ।
इस बात को सुनकर तांत्रिक ने आत्मा से कहा तुम कुछ नहीं कर सकते तुम इसका शरीर छोड़ दो और चले जाओ उन लोगो को भगवान सजा देगी ।इस बात को सुनकर आत्मा बौखला गया और तांत्रिक को झपटने लगा ।तांत्रिक फिर अपना तंत्र से आत्मा को अपने वश में किया और एक बोतल में कैद कर के उस आत्मा को मुक्त कर दिया और उन लोगो को घर भेज भेज दिया । लोग अपना आराम से बिना किसी डर के फिर से उस रास्ते में आना जाना शूरू कर दिए।...
Writer:- TAPAN rajwar
दुर्भाग्य की बात ये थी कि जंगल के बीचोबीच से होकर उन लोगों को गुजरना पड़ता था घर की रोजी रोटी के लिए अपने परिवार के लिए क्यों कि बिना मेहनत का कुछ नहीं मिलता। इसलिए उन लोगों को जंगल के रास्ते से होकर गुजरना पड़ता था। रास्ता भी कुछ ख़ास नहीं कच्ची रास्ता बारिश के दिनों में तो ओर ज्यादा परेशानियां 10 km तक कीचड़ झेलनी पड़ती तब पक्की रोड का नसीब होता।
ठंड का मौसम था दिन जल्दी- जल्दी ढल जाती इसलिए सब लोग अपना घर सूरज ढलने से पहले पहुंच जाते ।एक दिन किसी काम से एक आदमी को देर रात लगभग समय 12 बज़ चुके थे और उस जंगल के रास्ते से होकर वो अपने घर लौट रहे थे। पूर्णिमा की रात थी चांद- तारे टिमटिमा रहे थे।
तभी रास्ते के किनारे एक पेड़ पर लटकते एक लाश को देख आदमी घबरा गया बहुत डर गया शरीर का रोम रोम खड़ा हो गया मुंह से कोई आवाज़ नहीं एकदम सन्नाटा डर के मारे उस लाश को नज़र अंदाज़ ध्यान न देते हुए गिरते- लुढ़कते वो अपना घर पहुंचा। और अपना पत्नी को सारा बात सुनाया पत्नी भी बात सुनकर डर गई ।
उस आदमी ने अपने परिवार को समझा कर सो गया। सुबह हुई लोग अपना अपना घर से काम के लिए निकलने लगे तब कुछ लोगों ने देखा और हल्ला कर दिया।पेड़ पर एक लाश लटका हुआ है ये बात सुनकर बहुत सारे लोग पहुंचे देखने के लिए। भीड़ जमा हो गई लेकिन किसी को थाना में खबर देने की हिम्मत नहीं हुई। ये डर से की कहीं हम ना फंस जाय इस केस में।एक सप्ताह तक लाश पेड़ पर लटकते रहा बदबू आने लगी थी उस लाश का ।
इसलिए लोग उस रास्ते से आना जाना बंद कर दिए कुछ दिन के लिए डर से। तभी किसी आदमी ने हिम्मत जुटाई और पुलिस को खबर कर दिया । पुलिस पहुंची तो देखा एक जवान लड़का को रस्सी से बांध कर पेड़ पर लटका दिया गया है।
पुलिस ने लाश पेड़ से नीचे उतरवाई और गांव के लोगों से पूछताछ की लेकिन किसी को कुछ पता नहीं था उस लावारिस लाश के बारे में इसलिए पुलिस उस लाश को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए भेज दिए।लोग अपना अपना घर आए पुलिस अपना इंक्वेरी करने लगी। लोग फिर से उसी जंगल के रास्ते से होकर आने जाने लगे।
एक महीने बाद अमावश के रात में उसी आदमी को काम से लौटते वक्त रात हो गईं जिस आदमी ने सबसे पहले लाश को देखा था। और उस पेड़ के सामने साइकिल की चेन खुल गया वो साइकिल से नीचे उतर के जैसे ही साइकिल का चेन लगाने लगा तभी रोने का आवाज़ आई वो डर गया
और वहीं वेहोस होकर गिर पड़ा। कुछ देर बाद उसको होस आई और वो साइकिल छोड़ कर पैदल चल दिए। घर पहुंच कर वो भूत वाला हरक़त करने लगा ।कभी हंसने लगा तो कभी रोने लगा । गाली गलोज करने लगा क्यों कि जिस लड़के की लाश पेड़ पर लटका हुआ था उसका आत्मा उस आदमी पर प्रवेश कर चुका था। उस आदमी को कुछ देर बाद एक तांत्रिक के पास ले गया जहां भूत प्रेत का इलाज़ किया जाता है । तांत्रिक ने पूछा किया हुआ इसका तो उसके घर वालों ने सारा बात बता दिए ।
तांत्रिक ने अपना तंत्र मंत्र से उससे सब बात उगलवा लिए तो उस आदमी पर सवार आत्मा ने कहा मैं एक ऊंची खानदान के लड़की से प्यार करता था और वो भी मुझसे प्यार करती थी मैं एक मिडिल क्लास परिवार से था इस लिए उसके घर वालों ने मुझसे शादी करने से इंकार दिए और उसकी शादी किसी और के साथ कर दी इस वजह से लड़की अपनी जान एक बाइक एक्सिडेंट में दे दी और बाइक वाला एक्सिडेंट कर के भाग गया और अपना जन बचा लिया। ये बात सुन कर लड़की के घर वालो ने मुझे शक किया और एक शादी पार्टी में शामिल कर के मेरे भोजन में बेहोशी का दवा देकर मेरा गला दबा कर हत्या कर दिया और मुझे उस पेड़ पर लटका दिया मेरी आत्मा उसी पेड़ पर भटकती रहती है।इसलिए मैंने सोचा इस आदमी का शरीर में प्रवेश कर के मुझे जीन लोगो ने बिना गलती का जान से मार डाला उन लोगो को भी मै इस आदमी के सहारे जान से मार कर उसी पेड़ पर लटका दूंगा ।तब मेरी आत्मा को शांति मिलेगी ।
इस बात को सुनकर तांत्रिक ने आत्मा से कहा तुम कुछ नहीं कर सकते तुम इसका शरीर छोड़ दो और चले जाओ उन लोगो को भगवान सजा देगी ।इस बात को सुनकर आत्मा बौखला गया और तांत्रिक को झपटने लगा ।तांत्रिक फिर अपना तंत्र से आत्मा को अपने वश में किया और एक बोतल में कैद कर के उस आत्मा को मुक्त कर दिया और उन लोगो को घर भेज भेज दिया । लोग अपना आराम से बिना किसी डर के फिर से उस रास्ते में आना जाना शूरू कर दिए।...
Writer:- TAPAN rajwar





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Hello dosto kaisa laga mera post comments me jarur bataye..